कोरिया में FUT और FUE बाल प्रत्यारोपण के बीच निशान के अंतर पर आधारित साक्षात्कार का सारांश।
आज हमने सियोल के गंगनम स्थित न्यू हेयर हेयर ट्रांसप्लांट सेंटर के निदेशक डॉ. जिन‑ओह किम का इंटरव्यू किया। डॉक्टर ने वास्तविक मामलों के आधार पर FUT (कटिंग) और FUE (बिना कटिंग) प्रत्यारोपण के अंतर और निशान भरने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया।

डॉक्टर: आइए FUT और FUE बाल प्रत्यारोपण में निशान भरने की प्रक्रिया को विस्तार से देखें। पहले FUT विधि है, जो पारंपरिक तरीका है। तस्वीर में आप देख सकते हैं कि पीछे की खोपड़ी पर एक लंबा रेखीय निशान है। यह भी…

यह रेखा चीरा लगाने और टांके लगाने के बाद बनी निशान है। सर्जरी के तुरंत बाद टांके दिखने के कारण यह थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन टांके हटाने के बाद केवल एक पतली रेखा जैसी निशान रह जाती है।
मरहम लगाने से घाव जल्दी भरता है, इसलिए अधिकांश मरीजों को रोज़ाना मरहम लगाने की सलाह दी जाती है।
जो अकेले रहते हैं वे खुद लगाते हैं, और जिनके परिवार या साथी होते हैं उन्हें अक्सर मदद मिलती है।

कई मरीज कहते हैं, “टांके बहुत ही बारीकी से लगाए गए हैं,” और इसका कारण है कि हम प्लास्टिक सर्जरी वाली सिलाई तकनीक का उपयोग करते हैं।
प्लास्टिक सर्जरी में दो‑स्तरीय सिलाई की जाती है—पहले त्वचा के नीचे के मुलायम ऊतकों को अंदर से जोड़ा जाता है, फिर ऊपर की बाहरी परत को सिल दिया जाता है।
यह तरीका निशान को कम करता है और घाव को अधिक साफ‑सुथरे तरीके से भरने में मदद करता है।
टांके हटाने के लगभग एक साल बाद निशान इतना हल्का हो जाता है कि लगभग दिखाई नहीं देता।

FUE विधि में बिना चीरा लगाए प्रत्येक बाल कूप को अलग‑अलग निकाला जाता है।
सर्जरी के तुरंत बाद सिर की त्वचा पर छोटे‑छोटे छेद दिखाई देते हैं, जहाँ से बाल कूप निकाले गए होते हैं।
ट्राइपोफोबिया वाले लोगों को यह असहज लग सकता है, लेकिन समय के साथ ये छेद स्वाभाविक रूप से भर जाते हैं।
FUE में पूरे बाल कूप को सिलिंडर‑आकार के पंच से निकाला जाता है, इसलिए निकाले गए स्थान पर बाल दोबारा नहीं उगते।
क्योंकि कूप की जड़ भी साथ में निकल जाती है।
इसी कारण लगभग 30–40% कूप ही निकाले जाते हैं और बाकी 60% छोड़े जाते हैं ताकि पीछे का हिस्सा पतला न दिखे.

जैसे‑जैसे घाव भरता है, निकाले गए स्थान छोटे हो जाते हैं और पास से देखने पर छोटे बिंदु जैसे निशान दिखाई दे सकते हैं।
अगर बाल बहुत छोटे काटे जाएँ या सिर मुंडा दिया जाए, तो ये बिंदु दिख सकते हैं। ऐसे मामलों में SMP (स्कैल्प माइक्रोपिगमेंटेशन) से इन्हें प्राकृतिक रूप से छिपाया जा सकता है।

जैसे‑जैसे घाव भरता है, निकाले गए स्थान छोटे हो जाते हैं और पास से देखने पर छोटे बिंदु जैसे निशान दिखाई दे सकते हैं।
अगर बाल बहुत छोटे काटे जाएँ या सिर मुंडा दिया जाए, तो ये बिंदु दिख सकते हैं, और SMP से इन्हें प्राकृतिक रूप से छिपाया जा सकता है।
मरीजों की तस्वीरें देखते हुए इंटरव्यू करना वास्तव में प्रभावशाली था।
सारांश:
FUT: रेखीय निशान छोड़ता है, लेकिन अच्छी सिलाई तकनीक से लगभग दिखाई नहीं देता।
FUE: छोटे बिंदु जैसे निशान छोड़ता है, जो सिर मुंडवाने पर दिख सकते हैं।
दोनों तरीकों में उचित देखभाल से निशान धीरे‑धीरे हल्के हो जाते हैं और दैनिक जीवन पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ता।
यह इंटरव्यू वीडियो निर्माण के लिए किया गया था। New Hair की वेबसाइट https://newhairps.com/ है।